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अमेरिका / राजदूत शृंगला बोले- 21वीं सदी में भारत सुपरपावर बनेगा, 2030 तक हर दूसरा परिवार मध्यम वर्ग का होगा

अमेरिका / राजदूत शृंगला बोले- 21वीं सदी में भारत सुपरपावर बनेगा, 2030 तक हर दूसरा परिवार मध्यम वर्ग का होगा

अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन शृंगला ने कहा- हमने सामाजिक असमानता खत्म करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए।अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन शृंगला ने कहा- हमने सामाजिक असमानता खत्म करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए।

  • अमेरिका में भारतीय राजदूत हर्षवर्धन शृंगला ने हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में छात्रों और फैकल्टी से बातचीत में यह बात कही
  • शृंगला ने कहा कि भारत जल्द ही निवेश और अपनी स्किल्ड वर्कफोर्स के जरिए अर्थव्यवस्था को पूरी दुनिया से जोड़ लेगा

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2019, 09:34 AM IST
वॉशिंगटन. अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन शृंगला ने कहा है कि भारत की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। ऐसे में 21वीं सदी में देश के पास ग्लोबल सुपरपावर बनने का मौका है। हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए शृंगला ने शुक्रवार को कहा, “जहां कई देश समावेशी विकास में नाकाम हो जाते हैं, भारत ने इस मामले में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में कमाई की असमानता ने विकास में बड़ी समस्या पैदा की। लेकिन 1990 के बाद भारत ने करोड़ों लोगों को गरीबी से निकालने में सफलता पाई है। 2030 तक भारत का हर दूसरा परिवार मिडिल क्लास होगा।”
‘2030 तक भारत उच्च-मध्यम वर्ग वाला देश होगा’
शृंगला ने आगे कहा, “भारत जल्द जनसंख्या के आधार पर दुनिया में सबसे बड़ा मार्केट बेस होगा। इसके अलावा जैसे-जैसे लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी, भारत हर स्थिति में सबसे बड़ा मार्केट बन जाएगा। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, तब तक भारत उच्च-मध्यम वर्ग वाला देश बन जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि भारत जल्द ऐसी ताकत बनेगा, जिसे कोई देश नजरअंदाज नहीं कर पाएगा। साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था भी निवेश और स्किल्ड वर्कफोर्स के जरिए दुनियाभर से जुड़ी होगी।”
भारतीय राजदूत ने कहा, “भारत में सामाजिक असमानता को खत्म करने के लिए सकारात्मक काम किए गए। इसके अलावा इतिहास में पीछे छूट गए वंचित वर्ग के लिए मौके पैदा किए गए, जिससे इस तरह की असमानता को ठीक ढंग से मिटाया गया। भारत के विकास की कहानी हमारी बुनियाद पर आधारित है। हमने विकास के साथ वृहद स्तर पर स्थिरता और समावेशी विकास पर भी ध्यान दिया है। इसी के चलते सामाजिक एकजुटता, लोकतंत्र और कानून के राज के साथ विकास का ऊंचा स्तर बना रहा।” 
‘भारत पूरी जिम्मेदारी के साथ विकास कर रहा’
शृंगला ने कहा, “भारत पूरी जिम्मेदारी उठाते हुए विकास कर रहा है। हम इस विकास के साथ पर्यावरण का भी ख्याल रख रहे हैं, ताकि अपने नागरिकों और पूरी दुनिया के लिए विकास की सतत प्रक्रिया जारी रखी जा सके। भारत पहले ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य के साथ हम जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे।”

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